[ Featuring Priya Saraiya ]
कोरे से पन्ने जैसे
ये दिल ने कोई ग़ज़ल पाई
पहली बारिश इश्स ज़मीन पे
इश्क़ ने बरसाई
हर नज़र मे ढूंढी जो थी
तुझ में पाई वफ़ा
जान मेरी बन गया तू
जान मैने लिया
तू ही मेरा मीत है
तू ही मेरी प्रीत है
जो लबों से हो सके ना जुड़ा
ऐसा मेरा गीत है
तू ही मेरा मीत है
तू ही मेरी प्रीत है
जो लबों से हो सके ना जुड़ा
ऐसा मेरा गीत है
तू ही मेरा मीत है
खोलू जो आँखें सुबह को
मैं चेहरा तेरा ही पाऔ
ये तेरी नर्म सी धूप मे अब से
जहाँ ये मेरा साजौन
ज़रा सी बात पे जब हस्ती है तू
हस्ती है मेरी ज़िंदगी
तू ही मेरा मीत है
तू ही मेरी प्रीत है
जो लबों से हो सके ना जुड़ा
ऐसा मेरा गीत है
तू ही मेरा मीत है
तू ही मेरी प्रीत है
जो लबों से हो सके ना जुड़ा
ऐसा मेरा गीत है
तू ही मेरा मीत है

