वो कादिर थे ये कादिर हे
यार वो जहा से प्यारा था
सर के बल चल घर पहुंचे थे
इश्क ने जब पुकारा था
वो तेरे संग संग जो बीते पल पल
वो कल भी याद आएंगे
पाके तुझे पा ना सके
नगमे वफ़ा गा ना सके
इश्क़ ने यूउन नाशाद किया
इश्क़ ने क्यूँ बर्बाद किया
हो हो ओ ओ..... पल याद आएँगे
जो बिता कल भूल नही पाएँगे
देखो कहा पे किस्मत यह लाई
डसने लगा है दर्दे जुदाई
हर पल अंधेरा रहना सके हम
खुद के सिटन खुद से ना सके हम
हो हो ओ ओ..... पल याद आएँगे
जो बिता कल भूल नही पाएँगे
पाके तुझे पा ना सके
नगमे वफ़ा गा ना सके
इश्क़ ने यूउन नाशाद किया
इश्क़ ने क्यूँ बर्बाद किया
हो हो ओ ओ..... पल याद आएँगे
जो बिता कल भूल नही पाएँगे

